पत्रकारिता के सिद्धांतों की रक्षा करना ही हो कर्तव्य: मुन्नाबाबू

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बदायूं। आज के बदलते परिवेश में जिस प्रकार पत्रकारिता के सिद्धांतों से समझौता कर बाजारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है उससे पत्रकारिता अपने उद्देश्यों से भटकती जा रही है इसे सही दिशा देना ही हम सबका कर्तव्य होना चाहिए। उक्त उद्गार आज आयोजित पत्रकारिता दिवस पर मुख्य अतिथि मुन्नाबाबू शर्मा ने व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि जब मैंने पत्रकारिता शुरू की थी उस समय समाचार पत्रों में सम्पादक का पद सबसे उच्च हुआ करता था और वह पत्रकारिता के सिद्धांतों की रक्षा को हमेशा सजग रहता था लेकिन अब बदलते परिवेश के साथ समाचार पत्रों में जनरल मैनेजर का पद सबसे बढ़ा पद बना दिया गया जिससे सम्पादक का पद मात्र औपचारिक बन कर रह गया है, पत्रकारिता को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुशील धींगड़ा ने कहा कि पं. गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपना पूरा जीवन पत्रकारिता को समर्पित कर दिया और पत्रकारिता के सिद्धांतों के लिए ही अपना जीवन भी बलिदान कर दिया, हम लोगों को उनसे प्रेरणा लेकर उनके बताये मार्ग पर आगे बढ़कर पत्रकारिता को शिखर पहुंचाना होगा।
पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उपजा के जिला महामंत्री वेदभानु आर्य ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य है कि हम समाज के शोषित, वंचित की आवाज को ईमानदारी से उठायें और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए हमेशा सजग रहें और लड़ते रहें जिससे समाज के अन्तिम व्यक्ति को हम न्याय दिलाने में सफल हो सकें।
उपजा के जिलाध्यक्ष विष्णु देव चांडक ने कहा कि जब तक पत्रकार एकजुट नहीं होगा तब तक राजनेता, अधिकारी आदि हमारा शोषण करते रहेंगे। अपने व समाज के शोषण को रोकने एवं पत्रकारिता को उच्च शिखर पर पहुंचाने के लिए संगठन में एकजुटता होना आवश्यक है और हम सभी को इसके लिए हमेशा प्रयासरत रहना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार आशु बंसल ने कहा कि पत्रकारिता में चुनौतियों से कभी हम लोगों नहीं डरना चाहिए, बल्कि चुनौतियों का डटकर सामना करना चाहिए, लेकिन ऐसे लोगों का कभी साथ नहीं देना चाहिए जो पत्रकारिता का उपयोग सिर्फ अपने निजी उद्देश्यों की पूर्ति में लगे रहते हैं।
वरिष्ठ पत्रकार हामिद अली खां राजपूत ने भी पत्रकारों से एकजुट होने का आवाहन किया और पीत पत्रकारिता से अपने समाज को बचाने की अपील की।
पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रदीप पाण्डेय, प्रशान्त गुप्ता, अनिल बाबू, विवेक खुराना, विवेक चतुर्वेदी, विकास भारद्वाज, चन्द्रपाल शर्मा, अमन रस्तोगी, राहुल चैहान, राजकमल गुप्ता आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर देवेश मिश्रा, प्रदीप सक्सेना, कुलदीप रंजन, धर्मवीर सिंह, मुन्नालाल राठौर, राज मोहम्मद, आलोक मालपाणि, यश तोमर, राहुल गुप्ता, आकाश शर्मा, समीर सक्सेना, भारत शर्मा, क्रांतिवीर सिंह, अतुल शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

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