दहेज़ लोभियों के प्रताड़ित करने पर मंदाकिनी बनी दामिनी

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हर बेटी का सपना होता है की उसकी शादी किसी ऐसे घर में हो जंहा उसे खुशहाली मिले वो ससुराल में बहू नहीं बेटी बनकर रहे | लेकिन कभी कभी ऐसा होता है की ससुराल में बेटियों को ख़ुशी मिलने के बजाय यातनाये मिलने लगती है | फिर भी बेटिया हर यातनाये सहते हुए वो ससुराल और अपने पति को छोड़ना नहीं चाहती लेकिन जब यातनाये हद पार कर जाती है तो फिर बेटिया बन जाती है दामिनी,,,कुछ ऐसा ही हुआ कानपुर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली मंदाकनी सचान के साथ | मंदाकनी को उसके ससुराल में दहेज़ लाने के लिए जब प्रताड़ित किया जाने लगा तो उसने कानून की चौखट पर गुहार लगाई लेकिन जब वंहा भी उसे न्याय नहीं मिला तो उसने इंसाफ पाने की ठान ली और बन गयी दामिनी,,,,,
आँखों मे कानून से इंसाफ की उम्मीद लगाए अपने ससुराल वालों और पति की यातनाओ को सह रही मंदाकिनी सचान कभी थाने कभी इस दर कभी उस दर के काफी सालो से चक्कर काट रही है वावजूद उसको आज तक इंसाफ न मिलने पर हमेशा मुह की ही खानी पड़ी…. घाटमपुर के भैरमपुर में देखने को मिला जहां मंदाकिनी सचान और उसका परिवार इंसाफ मिलने की आस काफी सालो से लगाये बैठा हुआ है जानकारी के अनुसार मंदाकिनी सचान की शादी कुंवरपुर में रहने वाले जितेंद्र सचान के साथ हुई थी कुछ दिनों तक तो सब कुछ सही चलता रहा लेकिन जब मंदाकिनी ने दो बेटीयो को जन्म दिया तो उसके बाद से ही ससुराल वालों का ओर जितेंद्र का यातनाओ को सिलसिला जारी हो गया और साथ ही साथ ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी लेकिन मंदाकिनी ने इस दर्द को अपने सीने में दबा कर रख्खा और किसी से कुछ भी नही कहा
काफी समय तक ससुराल वालों और जितेंद्र का यह सिलसिला जारी रहा जब कि जितेंद्र का ट्रांसपोर्ट का काम है…. हद तो तब हो गई जब मंदाकिनी को पता चला कि उसके पति की संबंध दूसरी महिला के साथ है यह बात मंदाकनी से बर्दास्त नही हुई और उसने घाटमपुर थाने के कोतवाल अमित सिंह को पूरी आप बीती बताई अगर मंदाकिनी की माने को कोतवाल अमित सिंह ने जितेंद्र को गिफ्तार तो किया लेकिन जितेंद्र द्वारा मोटी  रकम लेकर रात में ही छोड़ दिया | आखिर में मंदाकनी ने अपनी ससुराल के मकान पर एक पोस्टर चस्पा कर लोगो से अपील की है कि दहेज़ उत्पीड़न और ह्त्या के प्रयाश में एक अपील है |
 इंसाफ न मिलने पर मंदाकनी ने गुलाबी गैंग को अपनी आप बीती बताई गुलाबी गैंग की नेता हेमलता कटियार ने अपने 150 समर्थकों के साथ भैरमपुर गई और हेमलता को इंसाफ दिलवाने का आश्वाशन दिया | गुलाबी गैंग का कहना है की हमारा संगठन न्याय और सच्चाई की लड़ाई लड़ता है इसलिए मंदाकनी को उसका अधिकार दिला कर रहूंगी | गुलाबी गैंग लीडर का कहना है की हम पुलिस की ऐसी तैसी कर देंगे,,हमारे संगठन के आगे पुलिस कुछ भी नहीं है अगर पुलिस बदमाशी करेगी तो उसको डंडे खाने पड़ेंगे | उनकी बंदूक दिखाने के लिए है लेकिन हमारे पास जो डंडे है वो मारने के लिए है हम पुलिस को डंडे मारकर दिखायेंगे |
रिपोर्ट : दिवाकर श्रीवास्तव

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