पिता की चिता को नहीं देने दी मुखाग्नि, दबंग नेता कर ले गए पुत्र का अपरहण

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*भाजपा के कद्दावर नेता पर लगा यह आरोप*

*ब्लाक प्रमुख शक्ति परीक्षण के कारण क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बंधक बनाने का आरोप*

*संपूर्ण समाधान दिवस में लगाई एक पुत्र ने अपने पिता को बंधक मुक्त कराने की गुहार है*

ललितपुर| वर्चस्व की जंग जीतने के लिए राजनेता किसी का भी अपहरण कर सकते हैं, चाहे वह अपने पिता की चिता को मुखाग्नि ही क्यों ना दे रहा हो मगर उससे उन्हें कोई मतलब नहीं अगर उनका काम बनता है तो वह उस व्यक्ति को अपने पिता की मुखाग्नि भी नहीं देने देती और श्मशान घाट से उसका अपहरण कर ले जाते हैं|

ललितपुर जनपद के मडावरा ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कुछ इस तरह की जंग मची हुई है कि जो जितना बलशाली होगा वह यह जंग जीतेगा । मडावरा ब्लॉक के वर्तमान ब्लॉक प्रमुख चंद्रदेव रावत के खिलाफ क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता विक्रम सिंह ने अपने बेटे को ब्लाक प्रमुख बनाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए । और जिला अधिकारी के समक्ष क्षेत्र पंचायत सदस्यों की एफिडेविट देकर अविश्वास प्रस्ताव की मांग की| जिस पर जिलाधिकारी ने गौर फरमाते हुए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ आदेश पारित किया कि आगामी 27 सितम्बर को शक्ति परीक्षण होगा । अब ऐसे में  दोनों ही पक्षों की तरफ से ब्लॉक प्रमुख शक्ति परीक्षा को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है जिसके चलते क्षेत्र पंचायत सदस्यों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और जिस का जीता जागता उदाहरण थाना गिरार के ग्राम टोरी गांव में देखने को मिला जब कद्दावर नेता विक्रम सिंह अपने लगभग 20 साथियों के साथ असलाह  बंदूक आदि लेकर आए और एक क्षेत्र पंचायत सदस्य भगुनते पुत्र मुन्ना अहिरबार का अपहरण उस समय कर ले गये जब वह अपने पिता की मौत के बाद मुखाग्नि देने के लिए श्मशान घाट पर आया हुआ था ऐसा आरोप उसके पुत्र महेंद्र ने लगाया है ।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिया प्रार्थना पत्र :– अपह्रत क्षेत्र पंचायत सदस्य भगुनते के बेटे ने संपूर्ण समाधान दिवस में यह प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि विगत दिवस उसके दादा जी की मौत हो गई थी जिसकी अंतिम क्रियाएं श्मशान घाट पर चल रही थी उसी समय भाजपा के कद्दावर नेता विक्रम सिंह पुत्तर रघुनाथ सिंह अपने 20 अज्ञात असला धारी साथियों के साथ आएं और वहां से मेरे पिता का अपहरण कर कार में डाल कर ले गए । प्रार्थना पत्र के माध्यम से उसने अपने पिता को बंधक मुक्त कराने की मांग की है जिससे मृत्यु उपरांत होने वाली क्रियाएं अपने समय पर पूरी हो सके । इस प्रार्थना पत्र में उसने कहा है कि उसके पिता को लगभग 20 दिन पहले भी बंधक बनाया गया था मगर बाद में उन्हें धमकी देकर छोड़ दिया गया था ।

रिपोर्ट : अखण्ड प्रताप सिंह

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