पीलीभीत। भीषण गर्मी पड़ने के कारण गोमती नदी पीलीभीत के त्रिवेणी घाट पर पूरी तरह सूख गई है। इसके चलते जलीय जीवों का जीवन भी संकट में पड़ता नजर आ रहा है। वहीं पानी न होने से गंदगी भी साफ तौर पर देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की शोभा बढ़ाने वाली गोमती नदी पीलीभीत के माधोटांडा स्थित फुलहर नामक झील से निकलती है। प्राचीन समय में जल स्रोत होने के कारण गोमती नदी प्रवाहित होती थी परंतु लंबे अरसे से उद्गम स्थल से पीलीभीत जिले के 47 किलोमीटर बहाव क्षेत्र में नदी नहीं बह पाती। सिर्फ बरसात के 4 महीने ही नदी में जल का प्रवाह रहता है। गर्मी बढ़ने से जहां उद्गम स्थित फुलहर झील में भी पानी कम हुआ है वहीं नदी का दूसरा सबसे बड़ा त्रिवेणी घाट घाटमपुर इस समय जल शून्य हो गया है। नदी की धारा पूरी तरह सूख चुकी है और जलीय जीवों का जीवन भी संकट में पड़ता देखा जा रहा है। इस घाट पर नदी संरक्षण का काम कर रहे नदी में पानी सूखने से पुल व आसपास काफी अधिक कचरा भी साफ दिखने लगा है। नदी की धार में खरपतवार उगा हुआ है। काफी दिनों से साफ सफाई न होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यहां पुल निर्माण करने वाली कंपनी द्वारा जल स्रोत बंद किए जाने से समस्या पैदा हो गई है। इस संबंध में गोमती उद्गम ट्रस्ट के अध्यक्ष और कलीनगर के उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जल्द ही गोमती नदी को शारदा कैनाल के द्वारा पानी देने का प्रबंध कराएंगे।
