Home लखनऊ मुख्य सचिव की अगुवाई में आरकेवीवाई एवं एसएडीपी के अन्तर्गत गठित एसएलएससी की बैठक संपन्न

मुख्य सचिव की अगुवाई में आरकेवीवाई एवं एसएडीपी के अन्तर्गत गठित एसएलएससी की बैठक संपन्न

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मुख्य सचिव की अगुवाई में आरकेवीवाई एवं एसएडीपी के अन्तर्गत गठित एसएलएससी की बैठक संपन्न

लखनऊ। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) एवं राज्य कृषि विकास योजना (एसएडीपी) के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) की बैठक आयोजित की गई।मुख्य सचिव द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की घटकवार प्रगति की समीक्षा की गयी एवं योजना के व्यय की 84 प्रतिशत प्रगति पर सन्तोष व्यक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि आर०के०वी०वाई० के जिन घटकों में तेजी के साथ व्यय हो रहा है, उनमें अन्य घटकों, जिनमें व्यय की प्रगति धीमी है, धनराशि हस्तान्तरित करा दी जाए। भारत सरकार के स्तर से केन्द्रॉश की द्वितीय किश्त तत्काल अवमुक्त कराने के लिये अनुरोध किया जाये।
उन्होंने वर्ष 2025-26 हेतु घटकवार एलोकेटेड केन्द्रॉश की धनराशि रू0 682.95 करोड़ के अनुसार वार्षिक कार्ययोजनाएं भारत सरकार को प्रेषित कराते हुए माह फरवरी, 2025 तक एस०एल०एस०सी० का अनुमोदन प्राप्त करने के भी निर्देश दिये।
समिति द्वारा राज्य कृषि विकास योजना के अन्तर्गत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के माध्यम से प्रदेश में 150 हाईटेक नर्सरियों का कार्य पूर्ण कराने एवं जनपद रायबरेली में सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स हनी-बी की स्थापना हेतु 169.03 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार समिति द्वारा कृषि विभाग की परियोजनाओं हेतु 10.22 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत गई।
इसी क्रम में समिति द्वारा प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों की शोध एवं अवस्थापना विकास सम्बन्धी परियोजनाओं हेतु 17.19 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई। उ०प्र० बीज विकास निगम के माध्यम से जनपद गोरखपुर में 20 हजार कुन्टल भण्डारण क्षमता के गोदाम एवं जनपद बुलन्दशहर एवं आजमगढ़ में उच्चीकृत बीज विधायन संयन्त्रों की स्थापना हेतु 2.88 करोड़ के प्रस्ताव को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
राज्य कृषि प्रबंध संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ के माध्यम से कम्बाइन हार्वेस्टर प्रशिक्षण प्रोग्राम एवं जनपद देवरिया में नव निर्मित प्रशिक्षण केन्द्र की फर्निशिंग कार्यों हेतु 203 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को समिति द्वारा मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश में मत्स्य पालकों आदि के प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 02 चाकी रियरिंग केन्द्रों की स्थापना हेतु लगभग 03 करोड़ के प्रस्ताव को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके पूर्व बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य कृषि विकास योजना में वर्ष 2024-25 के लिए 400.00 करोड़ रुपये का आउट-से अनुमोदित है तथा 200.00 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान स्वीकृत है। बैठक में सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।