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बिहार के शिक्षा विभाग की मनमानी, सीधे तौर पर कानून का उलंघन तो नहीं?

बिहार देश से अलग है क्या? यदि बिहार के सत्ताधारी नेताओं से पूछा जाए तो वो कहेंगे नहीं बिल्कुल भी नहीं? तो बिहार में शिक्षा सम्बन्धी अलग व्यवस्था क्यों? जब पूरे देश में गर्मी छुट्टी घोषित हो चुकी है फिर बिहार क्यों मनमानी कर रहा है?
बिहार में क्यों समय से पहले गर्मी छुट्टी दे दी गई? नौतपा के कारण पुरे उत्तर भारत में भीषण पड़ रही है, मौसम विभाग लगातार एलर्ट कर रहा है फिर बिहार का शिक्षा विभाग क्यों सोया हुआ है? पटना के एक स्कूली छात्र की मौत के दो दिन बाद बुधवार को आठ जिलों में करीब सौ बच्चों के बीमार हो गए, तब कहीं जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नींद खुली?
इससे पहले भी कई जगहों से बच्चों के बेहोश होने की खबरें आ रही थी शिक्षा विभाग सोया हुआ था कल की घटना के बाद सीएम नीतीश कुमार ने बच्चों की छुट्टी की घोषणा की।
राज्य के मुख्य सचिव को बिहार में स्कूल बंद करने का निर्देश दिया। कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य के मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया कि सभी तरह के स्कूल, कोचिंग और शिक्षण संस्थान आठ जून तक पूर्ण रूप से बंद रखे जाएं। लेकिन बिहार के शिक्षा विभाग ने आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों का समय सुबह 10 बजे तक कर दिया?
मिशन दक्ष और विशेष कक्षाओं के नाम पर शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को कोई राहत नहीं देने का आदेश दिया।आखिर क्यों बिहार का शिक्षा विभाग न तो मुख्यमंत्री की बात सुनता है और न ही मुख्य सचिव की? ये शिक्षा विभाग की तानाशाही और शिक्षा सचिव की अफसाही नहीं है तो और क्या है? इससे पहले भी स्कूल के समय को लेकर शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री मंत्री के आदेश की अवहेलना कर चुका है एवं मुख्य सचिव के पत्रों को फर्ज़ी घोषित किया जा चुका है? लोकतंत्र के नियमों और देश के कानून का खुला उलंघन बिहार के शिक्षा विभाग में देखा जा सकता है, पानी सर‌ से ऊपर है और निदान आवश्यक।

सुबोध कुमार

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