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हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट से उजागर हुआ देश का बड़ा आर्थिक संस्थानात घोटाला

जबतक JPC द्वारा जाँच नहीं की जायेगी तब तक इस महाघोटाले की सच्चाई देश के सामने नहीं आ पायेगी :प्रमोद तिवारी

लखनऊ। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी, उप नेता, राज्य सभा ने कहा है कि हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट ने यह खुलासा कर दिया है जो अडानी की आफशोर कम्पनी के बारे में कियाहै, इसमें सेबी, अडानी और भा.ज. पा. सरकार तीनों ही दोषी हैं। सेबी की चेयरपरसन माबवी पुरी की उनकी कम्पनी से विदेशों में बड़ी एक धनराशि में हिस्सेदारी है। यह खुलासा होने ही वाला था कि केन्द्र सरकार को संसद में इस घोटाले का सामना न करना पड़े, इसलिये बिना विपक्ष को विश्वास में लिये केन्द्र सरकार ने संसद सत्र को अनिश्चित काल के लिये स्थगित कर दिया, ताकि सोमवार दिनांक 12 अगस्त, 2024 को केन्द्र सरकार की कलई म खुल जाय, और इस बड़े घोटाले पर संसद सत्र में चर्चा न हो जाय।
चूंकि 4 राज्यों में होने वाले चुनाव सामने है अतः “मोदी सरकार” चाहती है कि इसकी सच्चाई देश और जनता के सामने न आये। दोषियों की सच्चाई दुनिया के सामने आये इसके लिये यह आवश्यक है कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया जाय जो इस गंभीरतम आरोप की जाँच करे और सच्चाई देश के सामने आये, अन्यथा “इण्डिया गठबन्धन” जनता की अदालत में, माननीय न्यायालय में और हर संभव प्लेटफार्म पर इस बड़े घोटाले पर लोकतांत्रिक ढंग से आवाज बुलन्द करेगी।
श्री तिवारी ने कहा है कि केन्द्र सरकार देश के लोगों का पैसा बचाने की बजाय A1 और उसके निवेशकों को बचा रही है। उन्होंने स्मरण दिलाते हुये कहा है कि लगभग 18 माह पूर्व A1 पर जव हिंडनवर्ग की पहली रिपोर्ट आयी थी तब से सेबी (SEBI) इसकी जाँच कर रही थी किन्तु माननीय सर्वोल्व न्यायालय द्वारा चार बार विदेशी निवेश की जानकारी मांगने पर भी (SEBI) द्वारा आनाकानी की जाती रही है। क्या (SEBI) इसलिये इसकी जानकारी नहीं दे रही थी ? कि उसकी चेयरपरसन माधुवी पुरी बुच का भी पैसा A1 में ग्रुप में ऑफशोर कम्पनियों के माध्यम से निवेश हो रहा था।
श्री तिवारी ने कहा है कि यह एक बड़ा आर्थिक संस्थानात घोटाला है और आश्चर्य की बात यह है कि इसकी जाँच उसी को दी जा रही है जिसके दामन स्वयं दागदार है, जब तक इस गम्भीर आर्थिक घोटाले की जॉच संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा नहीं की जायेगी तब तक इस भयंकरतम महाघोटाले की सच्चाई देश के सामने नहीं आ पायेगी
एक कहावत है कि “उल्टा चोर कोतवाल को डॉटे” । असम और उत्तर प्रदेश के दो मा. मुख्यमन्त्री कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी बांगला देश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के प्रकरण पर क्यों नहीं बोल रही है ? शायद वह ये भूल रहे हैं कि विदेश की धरती पर गम्भीर घटनाक्रम पर जो होता है उस पर कोई पार्टी विशेष नहीं बल्कि पूरा देश एकजुट हो जाता है चाहे पंडित नेहरू जी के समय में स्व. अटल बिहारी जी का रहा ही या स्वर्गीया इन्दिरा गांधी जी के समय वर्ष 1970-71 का प्रकरण रहा हो, इसलिये अभी जब संसद में सभी दलों की बैठक हुई थी तो हमने यह गुड्दा उठाया था कि बंगला देश के प्रकरण में कोई विदेशी शक्तियों तो नहीं शामिल थी ? परन्तु एक सच्चे भारतीय एवं सच्चा विपक्ष होने के नाते उनकी सुरक्षा की बात हमने सार्वजनिक रूप से उठायी थी कि यहाँ पर शान्ति व्यवस्था कायम रहे, और अल्पसंख्यक हिन्दुओं की सुरक्षा हो, उनकी जान माल की और उनकी स्वतंत्रता की भी सुरक्षा हो, इसके लिये हम केन्द्र सरकार का हर सकारात्मक कदम पर सहयोग करेंगे। यदि कोई परम्परा टूट रही है तो हम कहेंगे कि सरकार उनकी सुरक्षा नहीं कर पा रही है।
श्री तिवारी ने कहा है कि इस पर “विश्व गुरु” चुप्पी साधे हैं, यहाँ सीमा पर रूस यूकेन जैसे देश के संदर्भ में विश्व गुरु कह रहे हैं कि युद्ध उन्होंने रुकवा दिया है और बांगला देश के संदर्भ में कुछ नहीं कर पा रहे हैं यह अंतर्राष्ट्रीय मुयुवा है, बगैर सोचे समझे पूरा देश बांगला देश में रह रहे भारतीयों को सुरक्षा देने के लिये एक साथ खड़ा रहेगा, इसके लिये सरकार हर संभव प्रयास करे।
यदि भा.ज.पा में हिम्मत न तो वह वर्ष 1970-71 का इतिहास पढ़ ले, और वीरांगना स्व. इन्दिरा गाँधी जी से प्रेरणा ले, और हर संभव हिन्दू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का प्रयत्न करे।

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