अपूर्ण निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण कराकर हैंडओवर करें अधिकारी
बदायूँ। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव में विकास भवन सभागार में ईपीसी मोड, सीएम डैशबोर्ड, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, पोषण मिशन व पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, उसमें गुणवत्ता व समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत परियोजना के अंतर्गत महिला पीएसी बटालियन के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनावासीय भवनों का विद्युत कनेक्शन न होने के कारण असंतोष व्यक्त किया तथा अधिशासी अभियंता विद्युत को तत्काल विद्युत कनेक्शन कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग के सभी भवनों में कनेक्टिविटी भी कराई जाए तथा अनावासीय भवनों की टेस्टिंग कराने के पश्चात अप्रैल के प्रथम सप्ताह में हैंडओवर भी कर दिया जाए।
जिलाधिकारी ने सी0एम0आई0एस0 पोर्टल की समीक्षा करते हुए पाया कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों की संख्या 26 में से 24 कार्य पूर्ण तथा दो कार्य अपूर्ण है एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में 23 में से 23 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। मंडी परिषद के कार्यों की कुल संख्या दो है तथा दो कार्य अपूर्ण है तथा यूपीडा एक कार्य पूर्ण पाया गया। जिलाधिकारी द्वारा रोष व्यक्त करते हुए माह अप्रैल तक कार्य पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए तथा पोर्टल पर अपडेट करने के लिए भी कहा गया।
जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा करते हुए पाया कि सी0एम0आई0एस0 पोर्टल के अनुसार भवन निर्माण के संबंध में कार्यों की संख्या कुल कार्य 84 है जिसमें से 52 कार्य पूर्ण है तथा 32 कार्य अपूर्ण है एवं 52 कार्य हस्तगत कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी द्वारा अपूर्ण कार्यों पर रोष व्यक्त करते हुए कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए।
जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा करते हुए पाया कि सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत विकास कार्यों में ए0 प्लस श्रेणी में 65 कार्य तथा ए0 श्रेणी में जीरो कार्य, बी0 श्रेणी में आठ कार्य, सी0 श्रेणी में दो कार्य, डी0 श्रेणी में दो कार्य, ई0 श्रेणी में दो कार्य एवं एनए श्रेणी में नौ कार्य हैं। जिलाधिकारी द्वारा सी0, डी0 व ई0 श्रेणी में कार्यों में तेजी लाते हुए मुख्य प्रदर्शन घटक (के0पी0आई0) को ध्यान में रखते हुए कार्य करते हुए श्रेणी में सुधार लाने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारी को परिषदीय विद्यालयों में समय से यूनिफॉर्म, किताबें, जूते,मोजे आदि बच्चों को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन को अधिकारी समय-समय पर जाकर चेक करें, इसमें गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार देना अध्यापकों का कर्तव्य है।
जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क पर निराश्रित गोवंश नजर नहीं आना चाहिए। निराश्रित गोवंशों के लिए अनेकों आश्रय स्थल बनाए गए हैं , अधिकारी परस्पर विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए निराश्रित गोवंशों का शत प्रतिशत संरक्षण करना सुनिश्चित करें तथा गोआश्रय स्थलों में अच्छा चारा, पानी आदि व्यवस्थाएं करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।